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कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रही बिक्री और उपयोग, आठ साल में 1.19 लाख किलो प्लास्टिक जब्त


मुंबई।
50 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्रतिबंधित प्लास्टिक थैलियों की बिक्री और उपयोग पर रोक के बावजूद इसका इस्तेमाल खुलेआम जारी है। बीएमसी द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने के बाद भी प्लास्टिक का उपयोग कम नहीं हो रहा है। मुंबई में फेरीवालों, व्यापारियों, दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों द्वारा भी बड़े पैमाने पर प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा है। त्योहारों के दौरान इसका उपयोग और अधिक बढ़ जाता है। बारिश के मौसम में जल निकासी बाधित होने और जगह-जगह जलभराव की समस्या के पीछे प्लास्टिक को एक बड़ा कारण माना जाता है। प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और वितरण पर पहली बार पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये, दूसरी बार 10 हजार रुपये और तीसरी बार 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा तीन महीने की सजा का भी प्रावधान है। इसके बावजूद प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग लगातार जारी है। बीएमसी ने जून 2018 से मार्च 2026 के बीच कुल 1 लाख 19 हजार 437 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया है। इस दौरान 18 हजार 408 मामलों में कार्रवाई करते हुए 9 करोड़ 21 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। इसके बावजूद मुंबई के विभिन्न बाजार क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई और जन जागरण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। बीएमसी के अनुसार जून 2018 से मार्च 2026 तक विभिन्न प्रतिष्ठानों पर 29 लाख 12 हजार 156 निरीक्षण किए गए।
एक साल में हुई कार्रवाई
अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच बीएमसी ने 1 लाख 25 हजार 378 निरीक्षण किए, जिनमें 7 हजार 681 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया। इस दौरान 2 हजार 349 मामलों में 1 करोड़ 18 लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल
बीएमसी के अनुसार डी वॉर्ड (मालाबार हिल, गिरगांव, ग्रांट रोड), एफ दक्षिण वॉर्ड (परेल), एम पश्चिम वॉर्ड (चेंबूर), एस वॉर्ड (भांडुप पश्चिम), टी वॉर्ड (मुलुंड), एल वॉर्ड (कुर्ला), एच पूर्व वॉर्ड (सांताक्रूज पूर्व) और आर उत्तर वॉर्ड (दहिसर) में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग अधिक पाया गया है। इन इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जाती है।

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