मुंबई : राज्य में बढ़ती गर्मी और जलसंकट को देखते हुए राज्य सरकार ने कई जिलों में टैंकरों के जरिए पेयजल आपूर्ति जारी रखी है। 11 मई से 17 मई के बीच की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 15 जिलों के 633 गांवों और 1652 बस्तियों में कुल 706 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। इनमें 33 सरकारी और 669 निजी टैंकर शामिल हैं। तेज गर्मी के कारण कुएं, बोरवेल और छोटे जलस्रोत सूखने लगे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में टैंकर ही पेयजल का मुख्य सहारा बन गए हैं। इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा संकट ठाणे विभाग में 177 गांवों और 572 बस्तियों में 155 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। नाशिक विभाग के 156 गांवों और 444 बस्तियों के लिए 159 टैंकर कार्यरत हैं। पुणे विभाग के 145 गांवों और 572 बस्तियों में 131 टैंकरों से जलापूर्ति हो रही है। छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 138 गांवों और 64 बस्तियों के लिए 244 टैंकर लगाए गए हैं, जो राज्य में सबसे अधिक हैं। अमरावती विभाग के 17 गांवों में 17 टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। नागपुर विभाग में फिलहाल टैंकरों की जरूरत नहीं पड़ी है।
राज्य सरकार ने कहा है कि जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों और जलापूर्ति विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नागरिकों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों के साथ वैकल्पिक जलस्रोतों के उपयोग, कुओं के अधिग्रहण और जलसंग्रहण की योजना पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए पानी संकट वाले क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
